असदुद्दीन ओवैसी के इस बयान कि “एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी”, पर देश की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना समेत कई दलों ने बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर के हवा महल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि तुष्टीकरण और किसी एक समुदाय की राजनीति करने वालों के दिमाग में ऐसी “बकवास” चलती रहती है। उन्होंने कहा कि ओवैसी भारत की बात करने के बजाय बार-बार पाकिस्तान का जिक्र करते हैं और धर्म आधारित राजनीति को बढ़ावा देते हैं।
भाजपा सांसद अनिल बोंदे ने ओवैसी के बयान को गैरजिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि हैदराबाद के सांसद आधा सच पेश कर रहे हैं। बोंदे ने दावा किया कि मुस्लिम महिलाएं हिजाब पहनना नहीं चाहतीं और इसके समर्थन में उन्होंने ईरान में हिजाब के खिलाफ हुए प्रदर्शनों का हवाला दिया। उनका कहना था कि कोई भी गुलामी स्वीकार नहीं करता।
प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली नहीं है: शायना एनसी
शिवसेना नेता शायना एनसी ने तंज कसते हुए कहा कि फिलहाल प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली नहीं है। उन्होंने कहा कि ओवैसी केवल ख्याली पुलाव पका रहे हैं और नरेंद्र मोदी देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं, जिनके नेतृत्व की देश-विदेश में सराहना हो रही है।
ओवैसी का पक्ष
दरअसल, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख ओवैसी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत का संविधान सभी समुदायों को समान अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि संभव है वह स्वयं उस दिन को न देख पाएं, लेकिन भविष्य में ऐसा समय जरूर आएगा जब हिजाब पहनने वाली महिला भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेगी।


