कर्नाटक के वेमगल की धरती से आज दुनिया को सीधा और सख्त संदेश गया। Narendra Modi और Emmanuel Macron ने मिलकर Airbus H125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया, और इसके साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ ने ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ का रूप ले लिया। यह सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि रणनीतिक ताकत का ऐलान है जो चीन और पाकिस्तान जैसे विरोधियों की बेचैनी बढ़ाने के लिए काफी है। प्रधानमंत्री ने इसे भारत और फ्रांस के अटूट भरोसे का प्रतीक बताते हुए कहा कि अब भारतीय मिट्टी में बनने वाला यह जांबाज हेलीकॉप्टर माउंट एवरेस्ट की ऊंचाइयों को भी चुनौती देगा।
मामला यहीं नहीं थमा। रक्षा गलियारों में 114 Dassault Rafale फाइटर जेट्स की मेगा डील की गूंज भी सुनाई दे रही है, जो भारतीय वायुसेना को नई धार दे सकती है। भारत और European Union के बीच प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट और डबल टैक्सेशन समझौते ने व्यापार के रास्ते साफ कर दिए हैं। ‘Horizon 2047’ के विजन के साथ यह साझेदारी समुद्र से अंतरिक्ष तक रणनीतिक दबदबा बनाने की तैयारी है। संदेश साफ है, भारत अब सिर्फ बाजार नहीं, वैश्विक शक्ति केंद्र बनने की ओर बढ़ चुका है।


