तेजी से बदलते भू राजनीतिक परिदृश्य में अब वैश्विक व्यापार मार्गों को नया तेल माना जाने लगा है। United States अब अपनी रणनीतिक पकड़ को केवल ऊर्जा स्रोतों तक सीमित न रखते हुए महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर केंद्रित कर रहा है। Strait of Hormuz में प्रभाव बनाए रखने के बाद अब उसकी नजर Strait of Malacca पर है, जो दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है।
मलक्का जलडमरूमध्य हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ता है और वैश्विक व्यापार का लगभग एक तिहाई हिस्सा यहीं से गुजरता है। एशियाई देशों, खासकर ऊर्जा आयात के लिए यह मार्ग बेहद अहम है। ऐसे में इस क्षेत्र में अमेरिकी सक्रियता को केवल सुरक्षा नहीं बल्कि व्यापारिक नियंत्रण की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इस बढ़ती गतिविधि पर China ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन की ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा मलक्का मार्ग पर निर्भर है, इसलिए अमेरिका की मौजूदगी को वह अपने हितों के लिए खतरा मान रहा है। इससे इंडो पैसिफिक क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
इसी बीच अमेरिका ने Indonesia के साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मलक्का जलडमरूमध्य के पास स्थित इंडोनेशिया इस रणनीति में अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि आलोचकों का मानना है कि यह कदम अमेरिका के सैन्य प्रभाव को और बढ़ाने की कोशिश है। इन घटनाक्रमों का असर Indian Ocean क्षेत्र और India पर भी पड़ सकता है। भारत जो समुद्री व्यापार पर काफी निर्भर है इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यदि इन मार्गों पर तनाव या सैन्य गतिविधियां बढ़ती हैं तो व्यापार, बीमा लागत और क्षेत्रीय स्थिरता पर सीधा असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में व्यापार मार्गों पर नियंत्रण तेल जितना ही महत्वपूर्ण हो जाएगा जो वैश्विक शक्ति संतुलन, साझेदारियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की दिशा तय करेगा।


