वॉशिंगटन से वॉर्निंग शॉट: ‘भारत पैसा लाता है, पाकिस्तान सिर्फ बहाने’—US सांसद का वार

अमेरिकी सांसद Rich McCormick ने भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और रणनीतिक अहमियत की खुलकर तारीफ की। उन्होंने Narendra Modi के उस नेतृत्व का समर्थन किया, जो वैश्विक दबावों के बजाय राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देता है। रूस से तेल खरीद को लेकर भारत के फैसले का बचाव करते हुए मैककॉर्मिक ने निवेश के मोर्चे पर भारत की मजबूती को सराहा और Pakistan से सीधी तुलना कर दी—करीब 30 करोड़ की आबादी के बावजूद जो अमेरिका के लिए ठोस निवेश स्रोत नहीं बन पाया।

Center for Strategic and International Studies में बोलते हुए मैककॉर्मिक ने एक सच्चाई रेखांकित की जिसे वॉशिंगटन नजरअंदाज नहीं कर सकता – India अमेरिका की अर्थव्यवस्था में करीब 40 अरब डॉलर का निवेश कर रहा है, खासकर आईटी और फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर में, और एक मजबूत आर्थिक साझेदार बनकर उभर रहा है।

लेकिन यहीं आता है असली ट्विस्ट। इतना बड़ा निवेशक और रणनीतिक सहयोगी होने के बावजूद भारत को अमेरिका की ओर से करीब 50% टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पाकिस्तान पर यह बोझ सिर्फ 20% के आसपास है – वह भी United States से ।अब सवाल सीधा और तीखा है—

👉 क्या यह अमेरिका का दोहरा मापदंड है?

👉 भाषणों में भारत की तारीफ, लेकिन नीतियों में सख्ती क्यों?

जब अमेरिकी सांसद मंच से भारत की भूमिका की सराहना करते हैं, लेकिन व्यापारिक फैसले भारतीय अर्थव्यवस्था पर चोट करते हैं, तो यह विरोधाभास नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। क्या वॉशिंगटन दोहरी भाषा बोल रहा है—एक कूटनीतिक, दूसरी भेदभावपूर्ण?

मंच पर तारीफ, व्यापार में दबाव—भारत जवाब चाहता है।

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