दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुआ धमाका अब एक बड़े आतंकी हमले के रूप में सामने आ रहा है। इस विस्फोट में अब तक 8 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, धमाका एक I-20 कार में लगाए गए विस्फोटक से किया गया था, और शुरुआती जांच में इसे आत्मघाती हमला बताया जा रहा है।
🔴 दिल्ली ब्लास्ट और फरीदाबाद कनेक्शन
जांच में खुलासा हुआ है कि इस हमले की जड़ें फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी हैं। पुलिस को शक है कि कार में मौजूद शख्स डॉ. उमर मोहम्मद था — वही आतंकी जिसकी तलाश खुफिया एजेंसियां लंबे समय से कर रही थीं। कार में मिले शव का DNA टेस्ट कराया जा रहा है ताकि यह पक्का हो सके कि शव उसी का है या नहीं।
सीसीटीवी फुटेज में उमर को काले मास्क में देखा गया था। दरअसल, फरीदाबाद में बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट बरामद होने के बाद एजेंसियां पहले से ही उसके पीछे लगी थीं।
🚗 I-20 कार का सफर और संदिग्ध रूट
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने धमाके में इस्तेमाल हुई हुंडई I-20 कार के रूट का सीसीटीवी ट्रैक तैयार किया है।
- यह कार बदरपुर बॉर्डर पर आखिरी बार दिखाई दी, जहां से वह दिल्ली में दाखिल हुई।
- इसके बाद कार सुनहरी मस्जिद के पास की पार्किंग में तीन घंटे खड़ी रही — दोपहर 3:19 बजे से शाम 6:48 बजे तक।
- पार्किंग से निकलने के कुछ ही मिनट बाद लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-1 के पास विस्फोट हुआ।
🧩 कार की खरीद-फरोख्त की कहानी
इस कार का मालिकाना हक कई बार बदला।
- पहले मालिक — मोहम्मद सलमान, जिसने कार नदीम को बेची।
- नदीम ने इसे फरीदाबाद के रॉयल कार जोन नामक कार डीलर को दिया।
- फिर यह कार तारिक और उसके बाद उमर तक पहुंची।
कार हरियाणा के गुरुग्राम नॉर्थ RTO में रजिस्टर्ड थी (नंबर HR 26 7624)। पुलिस ने पुलवामा के संबूरा से तारिक को हिरासत में लिया है, जबकि आमिर नाम का एक और व्यक्ति भी इस डील में शामिल था।
🧠 जांच एजेंसियों का नया दावा
शुरुआत में माना जा रहा था कि कार में तीन लोग सवार थे, लेकिन अब पुलिस को यकीन है कि धमाके के वक्त उमर मोहम्मद अकेला था। एजेंसियों के अनुसार, फरीदाबाद मॉड्यूल में लगातार हो रही गिरफ्तारियों से घबराकर उसने जल्दबाज़ी में ये हमला किया।
⚖️ कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में UAPA की धारा 16 और 18, साथ ही Explosive Substances Act की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा हत्या और हत्या के प्रयास की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
🔗 फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़
यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) जैसे आतंकी संगठनों से जुड़ा था। इसमें दो पुरुष और एक महिला डॉक्टर शामिल थे।
अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
- डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई (फरीदाबाद)
- डॉ. आदिल अहमद राथर (पुलवामा)
- डॉ. शाहीन शाहिद (लखनऊ)
इन गिरफ्तारियों में एजेंसियों ने करीब 2,900 किलो विस्फोटक, हथियारों का बड़ा जखीरा और कई संवेदनशील दस्तावेज बरामद किए हैं।


