लड़ाई के बीच सऊदी को बड़ा झटका, बाब अल मंडेब के पास मोचा शहर पर हूती लड़ाकों ने किया कब्जा
लेखक: Administrator | 10 September 2026, 10:23 AM | 1 व्यूज़

जंग के बीच हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब समर्थित यमन सरकार को बड़ा झटका दिया है. हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के किनारे स्थित मोचा शहर पर पूरी तरह कंट्रोल कर लिया है. यह शहर बाब अल मंडेब से सिर्फ 50 मील दूर है. यहां हूती विद्रोहियों के कंट्रोल ने सऊदी अरब की टेंशन बढ़ा दी है. अब सऊदी आसानी से इस रास्ते से तेल सप्लाई नहीं कर पाएगा. हूती विद्रोहियों ने मोचा शहर पर ऐसे वक्त में कंट्रोल किया है, जब पाकिस्तान और तुर्की ने उसे जंग से हटने के लिए कहा है.
मोचा पर कैसे किया कब्जा?
गुरुवार को हूती लड़ाकों और यमनी सेना के बीच जबरदस्त झड़प हुई. इसके बाद यमनी सेना वहां से भाग गए. सेना के भागने के बाद हूती लड़ाकों ने पूरे इलाके पर कब्जा कर लिया. मोचा पर कब्जा करने के बाद हूती के लड़ाकों ने जश्न मनाया. इसका वीडियो वायरल हो रहा है.
बाब अल मंडेब को समझिए
लाल सागर यमन और अफ्रीका के बीच का एक रास्ता है. यह रूट लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. होर्मुज की तरह बाब अल मंडेब दुनिया में व्यापार और ऊर्जा सप्लाई के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है. यह रूट यूरोप, अफ्रीका और पश्चिम एशिया को जोड़ता है.
हाल के दिनों में जब ईरान ने होर्मुज को बंद कर दिया, तो सऊदी ने बाब अल मंडेब के रास्ते से खूब तेल बेचा. रिपोर्ट के मुताबिक इस रास्ते से सऊदी ने प्रतिदिन 3 मिलियन बैरल तेल बेचा. अब ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई फिर से जोर पकड़ ली है तो ईरान ने हूती के जरिए इस रास्ते पर कंट्रोल करने की कवायद शुरू कर दी है.
इसी कड़ी में हूती विद्रोहियों ने मोचा शहर को पहले कंट्रोल में लिया है. इसके बाद पेरम द्वीप पर विद्रोही कब्जा करेंगे और फिर उसके बाद इस रास्ते को बंद करेंगे. समुद्री रास्ते से गुजरने वाले कुल तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का 12 फीसदी हिस्सा मंडेब रूट से होकर गुजरता है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स को यमन सरकार के 3 अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को हूती विद्रोहियों ने सरकार के सुरक्षाकर्मियों को पीटकर मोचा पर कंट्रोल कर लिया. मोचा पर कंट्रोल का मतलब है कि बाब अल मंडेब पर कंट्रोल. इतना ही नहीं, विद्रोहियों ने यमन सरकार के रक्षा मंत्री को मारने की भी कोशिश की. हालांकि, हूती हमले में वे बाल बाल बच गए.
गुरुवार को हूती लड़ाकों और यमनी सेना के बीच जबरदस्त झड़प हुई. इसके बाद यमनी सेना वहां से भाग गए. सेना के भागने के बाद हूती लड़ाकों ने पूरे इलाके पर कब्जा कर लिया. मोचा पर कब्जा करने के बाद हूती के लड़ाकों ने जश्न मनाया. इसका वीडियो वायरल हो रहा है.
सीएनएन के मुताबिक बाब अल मंडेब पर कंट्रोल के लिए पेरम द्वीप पर कंट्रोल जरूरी है. पेरम द्वीप मोचा शहर के किनारे स्थित है. लंबे वक्त से हूती लड़ाके इस पर कब्जा करने के लिए जद्दोजेहद कर रहे थे. अब जाकर उन्हें इसमें सफलता मिली है.
लाल सागर यमन और अफ्रीका के बीच का एक रास्ता है. यह रूट लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. होर्मुज की तरह बाब अल मंडेब दुनिया में व्यापार और ऊर्जा सप्लाई के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है. यह रूट यूरोप, अफ्रीका और पश्चिम एशिया को जोड़ता है.
हाल के दिनों में जब ईरान ने होर्मुज को बंद कर दिया, तो सऊदी ने बाब अल मंडेब के रास्ते से खूब तेल बेचा. रिपोर्ट के मुताबिक इस रास्ते से सऊदी ने प्रतिदिन 3 मिलियन बैरल तेल बेचा. अब ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई फिर से जोर पकड़ ली है तो ईरान ने हूती के जरिए इस रास्ते पर कंट्रोल करने की कवायद शुरू कर दी है.
इसी कड़ी में हूती विद्रोहियों ने मोचा शहर को पहले कंट्रोल में लिया है. इसके बाद पेरम द्वीप पर विद्रोही कब्जा करेंगे और फिर उसके बाद इस रास्ते को बंद करेंगे. समुद्री रास्ते से गुजरने वाले कुल तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का 12 फीसदी हिस्सा मंडेब रूट से होकर गुजरता है.
